UP RTE 2026: प्राइवेट स्कूलों में बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा का सुनहरा अवसर, आज से आवेदन करें

लखनऊ
उत्तर प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्राइवेट स्कूलों की 25% आरक्षित सीटों पर फ्री एडमिशन की प्रक्रिया आज, 2 फरवरी 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने इस साल प्रवेश प्रक्रिया को चार चरणों में विभाजित किया है, ताकि अधिक से अधिक पात्र बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके।

क्या है RTE प्रवेश प्रक्रिया?
आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत, प्राइवेट स्कूलों को अपनी कुल सीटों का 25% हिस्सा उन बच्चों के लिए आरक्षित रखना होता है, जिनके परिवार की वार्षिक आय बहुत कम है या जो सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग से आते हैं। इन बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

महत्वपूर्ण तिथियां (प्रथम चरण)
अगर आप अपने बच्चे का दाखिला पहले चरण में कराना चाहते हैं, तो इन तारीखों को नोट कर लें।

ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत: 2 फरवरी 2026
आवेदन की अंतिम तिथि: 25 फरवरी 2026
दस्तावेजों का सत्यापन: 26 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक।
लॉटरी निकालने की तिथि: 3 मार्च 2026।
स्कूल में दाखिला: 8 मार्च 2026 तक छात्रों को आवंटित स्कूलों में प्रवेश लेना होगा।

जरूरी पात्रता और डॉक्यूमेंट
आवेदन करने के लिए बच्चे की आयु 3 से 7 वर्ष के बीच होनी चाहिए (नर्सरी से कक्षा 1 तक के लिए)। आवेदन के लिए इन डॉक्यूमेंट की आवश्यकता होगी।

बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र।
परिवार का आय प्रमाण पत्र (निर्धारित सीमा के भीतर)।
निवास प्रमाण पत्र (राशन कार्ड, आधार कार्ड या वोटर आईडी)।
बच्चे की नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो।
जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)।

कैसे करें आवेदन?
अभिभावक घर बैठे या पास के जन सुविधा केंद्र (CSC) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं-
    सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट rte25.upsdc.gov.in पर जाएं।
2. 'Online Application/Student Registration' लिंक पर क्लिक करें।
3. बच्चे का विवरण और पते की जानकारी भरें।
4. पसंदीदा स्कूलों की लिस्ट का चयन करें (अभिभावक अपने वार्ड के स्कूलों को प्राथमिकता दें)।
5. डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद फॉर्म सबमिट करें और प्रिंटआउट भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।

शिक्षा विभाग की तैयारी
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और बीएसए (BSA) को निर्देश दिया है कि वे पोर्टल की निगरानी करें और आवेदनों के वेरिफिकेशन में देरी न होने दें। ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

 

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