- एमएसएमई को 3,822 करोड़ का संबल, 3.11 करोड़ रोजगार वाले क्षेत्र को और मजबूती
- वस्त्रोद्योग में 5,041 करोड़ का प्रावधान, 30,000 नए रोजगार और मेगा टेक्सटाइल पार्क की तैयारी
लखनऊ
उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम, हथकरघा वस्त्र उद्योग और खादी ग्रामोद्योग क्षेत्रों को केंद्र में रखकर रोजगार और औद्योगिक विस्तार की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत की है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इन क्षेत्रों के लिए बढ़े हुए बजटीय प्रावधानों के साथ नई योजनाओं और लक्ष्यों की घोषणा की गई है, जिनका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर रोजगार सृजन, परंपरागत उद्योगों का आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन को गति देना है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सेक्टर की योजनाओं के लिए 3,822 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया गया है। जो वर्ष 2025-26 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र से लगभग 3.11 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। उत्तर प्रदेश एमएसएमई के मामले में सभी राज्यों में अग्रणी बना हुआ है। एमएसएमई उद्योगों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से सरदार वल्लभभाई पटेल इम्प्लायमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की नई योजना प्रस्तावित की गई है, जिसके लिए 575 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान हेतु 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 1 लाख सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है और आवश्यकता अनुसार इसे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये तथा एक जनपद एक व्यंजन योजना के लिए 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग क्षेत्र के लिए लगभग 5,041 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो वर्ष 2025-26 की तुलना में पांच गुने से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में वस्त्रोद्योग क्षेत्र में 30,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में गारमेंटिंग हब विकसित करने के लिए पीएम मित्र पार्क योजना के अंतर्गत विश्वस्तरीय मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जाएगी। हथकरघा बुनकरों के साथ पावरलूम बुनकरों के उत्थान के लिए अटल बिहारी बाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना हेतु 4,423 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेंटिंग नीति 2022 के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

