झाबुआ:
मध्य प्रदेश के झाबुआ स्थित एक शासकीय हॉस्टल में वार्डन पर छात्रों से बाइबिल पढ़वाने का आरोप लगा है। बाइबिल पढ़वाने का वीडियो भी वायरल हुआ था। हॉस्टल के अंदर प्रार्थना सभाएं हो रही थीं। मंगलवार को कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की छात्राएं कलेक्टर ऑफिस पहुंची और अपनी शिकायत दी है। ये हॉस्टल की वार्डन बबीता डाबी पर है।
बाइबिल पढ़ने का बनाया जा रहा दबाव
हॉस्टल से आईं छात्राओं ने आरोप लगाया है कि उनकी मर्जी के खिलाफ वार्डन वहां पर बाइबिल पढ़ने का दबाव बनाती हैं। वहीं, जब लड़कियां मना करती हैं तो उन्हें हॉस्टल से निकालने की धमकी देती हैं। साथ ही कहती हैं कि करियर बर्बाद कर दूंगा। लड़कियों ने हॉस्टल में चल रही गतिविधियों के बारे में अपने परिजनों को जानकारी दी थीं।
सहमी हैं लड़कियां
बताया जा रहा है कि हॉस्टल में रह रहीं लड़कियां डर के मारे पढ़ाई छोड़ रहे हैं। अभी तक 10-12 लड़कियों के छोड़ने के आरोप हैं। लड़कियों के पालकों के साथ आए हिंदू संगठन के लोगों ने कहा कि वहां धर्मांतरण चल रहा है। उनसे बाइबिल पढ़वाई जाती है। हॉस्टल में 150-200 लड़कियां यहां रहती हैं। हमलोग झाबुआ कलेक्टर से मिलने आए हैं। उनसे शिकायत की है। साथ ही कार्रवाई की मांग की है। वार्डन को तुरंत सस्पेंड किया जाए। कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि हम जांच के लिए टीम गठित कर रहे हैं।
एक पालक ने कहा कि हम बच्ची से मिलने गए तो उसने रो दिया। वह घर चलने की जिद करने लगी। फिर बताया कि मैडम कहती हैं कि तुम्हें राम-राम नहीं बोलना है। वह लड़कियों को बाइबिल पढ़ाती हैं। एक अन्य बच्ची के पालक ने कहा कि हमारी बच्ची को ईसाई के बारे में पढ़ाती हैं। साथ ही उसे सूर्य नमस्कार नहीं करवाती है। वह लड़कियों को कहती हैं कि सूर्य नमस्कार करोगी तो यहां नहीं रहने दूंगा।
अधिकारियों ने जांच की बात कही
वहीं, अभिभावकों की शिकायत पर अधिकारियों ने कहा कि हम इसकी जांच जरूर कराएंगे। वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि वह पुराना है। गौरतलब है कि सरकारी नियम के अनुसार किसी भी शिक्षण संस्थान में धार्मिक प्रचार पूरी तरह से प्रतिबंधित है।

