कंचन कुमारी हत्याकांड: मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों को बठिंडा कोर्ट ने ‘भगोड़ा’ घोषित किया

बठिंडा
 डिजिटल कंटेंट क्रिएटर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी की हत्या के मामले में बठिंडा की एक स्थानीय अदालत ने सिख कट्टरपंथी नेता अमृतपाल सिंह मेहरों को भगोड़ा (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर – पीओ) घोषित कर दिया है। आरोपित बार-बार समन जारी होने के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुआ, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।

अदालत ने बीती 7 फरवरी को मामले की सुनवाई करते हुए फरार आरोपित अमृतपाल सिंह मेहरों को पीओ घोषित किया। मेहरों इस हत्याकांड का मुख्य आरोपित है और वारदात के बाद जून 2025 में देश छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस के अनुसार उसके वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में छिपे होने की आशंका है।

इससे पहले अदालत ने बीती 1 दिसंबर 2025 को अमृतपाल सिंह मेहरों और उसके साथी व आरोपित रंजीत सिंह को गिरफ्तारी से बचने के आरोप में भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की थी। मामले में मेहरों के तीन सहयोगी व आरोपित जसप्रीत सिंह, निर्मतजीत सिंह और रंजीत सिंह को गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

बठिंडा कैंट थाने के एसएचओ दलजीत ढिल्लों ने बताया कि उन्हें अदालत का आदेश प्राप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि अमृतपाल सिंह मेहरों के यूएई में छिपे होने की जानकारी है। राज्य सरकार व केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है, ताकि इंटरपोल की मदद से उसे भारत प्रत्यर्पित करवाया जा सके। इंटरपोल को आवश्यक विवरण भेजे जा चुके हैं और आधिकारिक जवाब का इंतजार है।

अधिकारिक सूत्रों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल अदालत ने फरार आरोपित की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने का कोई आदेश जारी नहीं किया है। मेहरों मोगा जिले के मेहरों गांव का रहने वाला है। सूत्रों के अनुसार भगोड़ा घोषित किए जाने से इंटरपोल के जरिए रेड कार्नर नोटिस जारी करवाने में पुलिस को और मदद मिलेगी।

पुलिस जांच के अनुसार आरोपित अमृतपाल सिंह मेहरों, जसप्रीत सिंह और निर्मतजीत सिंह ने साल 2025 की 9-10 जून की रात को कंचन कुमारी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। पुलिस का दावा है कि यह हत्या कंचन द्वारा इंटरनेट मीडिया पर डाली गई कथित आपत्तिजनक सामग्री को लेकर की गई, जिसे आरोपितों ने सिख समुदाय की भावनाओं के खिलाफ बताया।

हत्या के बाद आरोपितों ने कंचन का शव बठिंडा के भुच्चों मंडी स्थित आदेश मेडिकल कालेज एवं अस्पताल की पार्किंग में उसकी कार में छोड़कर फरार हो गए थे। 11 जून की शाम शव बरामद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

पुलिस ने बताया कि फरार अमृतपाल सिंह मेहरों की मदद करने वाले रंजीत सिंह को बीती 6 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया है। रणजीत इस समय तीन दिन के पुलिस रिमांड पर है और उसे अदालत में पेश किया जाएगा।

जसप्रीत सिंह और निर्मतजीत सिंह पहले ही गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस के अनुसार रंजीत ने अमृतपाल सिंह मेहरों को अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचाने में मदद की थी, जहां से वह यूएई फरार हो गया।

 

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